ग्रेटर नोएडा

फुट ओवर ब्रिज तो बना दिया, मेंटिनेंस कौन करेगा? लिफ्ट खराब लेकिन GNIDA की तो एक महीने से नींद ही नहीं खुली

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में समस्याओं का अंबार है। कुछ सुविधाएं अथॉरिटी से लड़-झगड़कर यहां के निवासी अपने लिए ले भी लेते हैं तो अथॉरिटी की तरफ से उनकी मैंनटेनेंस की व्यवस्था नहीं होती। ऐसा ही मामला ईको विलेज 1 के पास बने फुट ओवर ब्रिज का है, जिसकी लिफ्ट एक महीने से खराब है और कई बार शिकायत करने के बावजूद ठीक नहीं की गई है।

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फुटओवर ब्रिज की फाइल फोटो

Photo : Twitter

ग्रेटर नोएडा वेस्ट यानी नोएडा एक्सटेंशन का विकास भी ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी GNIDA की ही जिम्मेदारी है। लेकिन ग्रेटर नोएडा में जिस तरह की परेशानियां और समस्याएं हैं, उसे देखकर लगता है GNIDA ने इस इलाके को अपनी परेशानियों के साथ छोड़ दिया है। अगर ऐसा न होता तो इस इलाके के साथ सौतेला व्यवहार तो कतई नहीं होता। लेकिन जिस तरह से यहां की समस्याओं पर GNIDA का ध्यान नहीं जाता है, उसे देखते हुए सौतेला व्यवहार साफ नजर आता है। यहां के लोग अक्सर अपनी परेशानियों को लेकर सोशल मीडिया के जरिए आवाज उठाते रहते हैं, लेकिन अथॉरिटी के कान पर जूं तक नहीं रेंगते। उदाहरण के तौर पर सालों की मिन्नतों के बाद मिले फुट ओवर ब्रिज (FOB) का हाल ही देख लें।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोग सालों से यहां सड़कों पर ट्रैफिक बढ़ने के कारण कई FOB की मांग कर रहे हैं। वर्षों के अभियान के बाद इलाके को एक-दो FOB मिले भी, लेकिन उनके रखरखाव के नाम पर कुछ नहीं किया जा रहा। इलाके में सुपरटेक इको विलेज-1 सोसाइटी के सामने बने FOB की लिफ्ट पिछले 1 महीने से खराब है। इसकी वजह से लोगों को सड़क पार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर बुजुर्गों, बीमारों और बच्चों को समस्या हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने अथॉरिटी से कई बार शिकायत की है, लेकिन सुनवाई आज तक नहीं हुई। लोगों का कहना है कि वर्षों मिन्नतें करने के बाद फुटओवर ब्रिज का निर्माण कराया गया था। अभी इसे शुरू हुए दो महीने भी नहीं हुए कि निर्माण से जुड़ी खामियां नगर आने लगीं। लिफ्ट का संचालन भी पिछले एक महीने से बंद है, लेकिन शिकायत करने के बावजूद प्राधिकरण के अधिकारी चैन की नींद सोए हुए हैं।

FOB के इस्तेमाल से डर लग रहा

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इतनी जल्दी लिफ्ट खराब हो गई। ऐसे में अब तो लिफ्ट का इस्तेमाल करने में भी डर लग रहा है। लिफ्ट बंद होने से बच्चों और बुजुर्गों को ऊपर-नीचे आने-जानें में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

दैनिक हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार ने उन्हें बताया कि लिफ्ट खराब होने का मामला अथॉरिटी के संज्ञान में ही नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच करके लिफ्ट को तुरंत ठीक करवाया जाएगा।

जो लिफ्ट ठीक, उसे भी नहीं चलाया जा रहा

स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ लिफ्ट चल रही है, लेकिन सुबह के समय जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है, उस समय इसका संचालन नहीं होता। सुबह के समय लिफ्ट बंद रहती है। सुबह के समय 9 बजे तक लिफ्ट को बाहर से खोला ही नहीं जाता, इस संबंध में भी कई बार शिकाय की जा चुकी है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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