T Raja Singh on Prophet Muhammad: इस वक्त की बड़ी खबर हैदराबाद से आ रही है। देर रात हैदराबाद के शालिबांडा इलाके में उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया। सड़क पर उतरे लोगों ने पूरे इलाके को घेर लिया और वहां पर नारेबाजी करने लगे। तोड़फोड़ और आगजनी की। पुलिस के लाख समझाने पर भी वो मानने को तैयार नहीं दिखे। हैरानी की बात तो ये रही कि हंगामा कर रहे लोगों ने पुलिस के सामने एक बार फिर सर तन से जुदा के नारे लगाए। दरअसल भीड़ नेता राजा सिंह की जमानत का विरोध कर रही थी। लेकिन इस दौरान उन्होंने कानून को अपने हाथ में लिया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। कानून व्यवस्था बनाए रखने के इलाके में धारा 144 लगा दी गई। पुलिस ने हंगामा कर रहे कई लोगों को हिरासत में ले लिया है।
राजा को मिली जमानत
राजा ने पैगंबर के खिलाफ अपमानजनक बयान देते हुए 10 मिनट का एक वीडियो जारी किया था, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर भारी हंगामा हुआ था। राजा को उसी दिन हिरासत में ले लिया गया था, हालांकि, अदालत द्वारा उसकी रिमांड अर्जी वापस करने के बाद उन्हें मंगलवार को रिहा कर दिया। उसके खिलाफ दबीरपुरा पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए, 295 और 505 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
बीजेपी का एक्शन
बीजेपी ने राजा के बयान से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी पार्टी लाइन के खिलाफ थी। राजा को जारी निलंबन पत्र में लिखा है,'आपने विभिन्न मामलों पर पार्टी की स्थिति के विपरीत विचार व्यक्त किए हैं, जो भारतीय जनता पार्टी के संविधान के नियम XXV. 10 (ए) का स्पष्ट उल्लंघन है।' अनुशासनात्मक समिति के अध्यक्ष ओम पाठक द्वारा लिखे गए निलंबन पत्र में कहा गया है, 'मुझे आपको यह बताने के लिए निर्देशित किया गया है कि आगे की जांच लंबित रहने तक, आपको तत्काल प्रभाव से पार्टी से और आपकी जिम्मेदारियों / असाइनमेंट से निलंबित कर दिया जाता है। कृपया भी इस नोटिस की तारीख से 10 दिनों के भीतर कारण बताएं कि आपको पार्टी से क्यों नहीं निकाला जाना चाहिए। आपका विस्तृत उत्तर 2 सितंबर 2022 तक अधोहस्ताक्षरी के पास पहुंच जाना चाहिए।'
इससे पहले BJP ने अपने दो राष्ट्रीय प्रवक्ताओं- नुपुर शर्मा और दिल्ली BJP के नेता नवीन जिंदल को पैगंबर के खिलाफ इसी तरह की टिप्पणी के कारण निलंबित कर दिया था।

