Manipur Protest: मणिपुर के बिष्णुपुर में बम धमाके में दो बच्चो की मौत के मामले में तनाव बढ़ता जा रहा है। बच्चों की मौत के विरोध में गुरुवार शाम हजारों लोग सड़कों पर उतर आए।
प्रदर्शनकारियों ने इम्फाल वेस्ट जिले में प्रतिबंधात्मक आदेशों को नजरअंदाज करते हुए मशाल जुलूस निकाला, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने सादे कपड़ों में सुरक्षाकर्मियों को ले जा रही तीन गाड़ियों को रोक लिया।
प्रदर्शनकारियों ने चिंगमाथक इलाके में निकाला मार्च
यह रैली शाम करीब 7 बजे सिंगजामेई इलाके से शुरू हुई, जहां लोगों ने 7 अप्रैल को ट्रोंगलाओबी में हुए बम विस्फोट के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारी मशालें लेकर करीब 2 किलोमीटर तक मार्च करते हुए चिंगमाथक इलाके तक पहुंचे, जो मुख्यमंत्री आवास और पुलिस मुख्यालय के पास स्थित है।
अधिकारियों के अनुसार, मौके पर तैनात सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में झड़प में बदल गई।
क्या है प्रदर्शनकारियों की मांग?
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की है कि बम धमाके के जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो। लाइफाम खुनौ की महिलाओं ने इंफाल वेस्ट के संगकपम इलाके में धरना देकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और राज्य में शांति बहाल करने की मांग की।
झड़प में पांच लोग घायल
स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। वहीं, कुछ प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी भी की, जिससे तनाव और बढ़ गया। इस झड़प में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कम से कम पांच लोगों को सांस लेने में दिक्कत और हल्की चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अधिकारियों का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व मौजूदा हालात का फायदा उठाकर सरकार और सुरक्षा बलों के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि बम धमाके के बाद राज्य में पहले से ही शाम 5 बजे से सुबह 5 बजे तक आवाजाही पर पाबंदी लागू है, जिसके बावजूद यह विरोध प्रदर्शन हुआ।
