- बंगाल में बीजेपी नेता की मां की पिटाई के मामले ने पकड़ा तूल
- कोलकाता की सड़कों पर लगे बुजुर्ग महिला की पिटाई वाले पोस्टर
- पोस्टर में ममता सरकार से सवाल, क्या यह बंगाल की बेटी नहीं?
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही हिंसा का दौर भी तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले में एक पार्टी कार्यकर्ता और उसकी बुजुर्ग मां को तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पीटा। हालांकि टीएमसी ने आरोपों को खारिज किया है। बुजुर्ग महिला की पिटाई की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
कोलकाता की सड़कों पर पोस्टर
इन सबके बीच सोमवार सुबह कोलकाता की सड़कों पर बुजुर्ग महिला की पिटाई वाली तस्वीरों के पोस्टर दिखे। बीजेपी नेताओं ने इन पोस्टर को अपने ट्विटर पर साझा किया है। पोस्टर में पिटाई वाली बुजुर्ग महिला की तस्वीर के साथ लिखा है, 'क्या यह बंगाल की बेटी नहीं है?' भाजपा नेता तजिंदर पाल बग्गा और कपिल मिश्रा ने कोलकाता की सड़कों पर लगे पोस्टर ट्वीट करते हुए ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधा है।
बीजेपी और टीएमसी में तेज हुई लड़ाई
आपको बता दें कि बता दें कि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल चुनाव के अभियान की शुरुआत करते हुए 'बंगाल को चाहिए अपनी बेटी’ का नारा दिया था। इसके जवाब में बीजेपी ने बंगाल की महिला बीजेपी नेताओं को आगे करते हुए नौ महिला नेताओं का पोस्टर जारी करते हुए कहा था कि बंगाल को अपनी बेटी चाहिए, बुआ नहीं। इस पोस्टर में बीजेपी ने ममता बनर्जी को बुआ के रूप में दिखाया है।
तस्वीर हुई थी वायरल
आपको बता दें कि उत्तरी दमदम में शनिवार को भाजपा कार्यकर्ता गोपाल मजूमदार पर कुछ बदमाशों ने हमला किया। मजूमदार की मां ने दावा किया कि उन्हें और उनके बेटे को तूणमूल कांग्रेस के गुंडों ने पीटा और यह कि उन्होंने उनके बेटे को इस घटना के बारे में किसी को नहीं बताने की धमकी दी। भाजपा ने सोशल मीडिया पर महिला का चेहरा पोस्ट किया और लिखा , ‘बंगाल के लोग उन लोगों को माफ नहीं करेंगे जिन्होंने बंगाल की बेटी पर हमला किया।’