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Vizag Gas Leak: संयंत्र से इसलिए लीक हुई जहरीली गैस, पुलिस की जांच में सामने आई खामी

Vizag Gas Leak: LG Polymer under scanner Shocking lapses emerge
Updated May 07, 2020 | 16:48 IST

Vizag Gas Leak: जांच में सामने आया है कि गैस को 20 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर स्टोर किया जाना था लेकिन उसे इस तापमान पर नहीं रखा गया। इसके अलावा संयुंत्र में जरूरत के हिसाब से कर्मचारी नहीं थे।

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Vizag Gas Leak: LG Polymer under scanner Shocking lapses emergeVizag Gas Leak: LG Polymer under scanner Shocking lapses emerge
तस्वीर साभार:&nbspPTI
गैस लीक मामले पर पुलिस की शुरुआती रिपोर्ट सामने आई।
मुख्य बातें
  • रासायनिक संयंत्र से गैस लीक होने की घटना में 11 लोगों की जान जा चुकी है
  • सैकड़ों लोग अस्पताल में भर्ती हैं, शुरुआती जांच में संयंत्र में खामियां मिली हैं
  • मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने अस्पताल का दौरा कर पीड़त परिजनों से मिले हैं

नई दिल्ली : विशाखापत्तनम के एक रासायनिक संयंत्र में गैस लीक होने की घटना पर पुलिस की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट सामने आने के बाद संयंत्र का प्रबंधन सवालों के घेरे में आ गया है। पुलिस की शुरुआती जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि संयंत्र में गैस को जिस तापमान में रखा जाना चाहिए था उसे उस तापमान में नहीं रखा गया। इसके अलावा संयंत्र का रखरखाव करने के लिए वहां जरूरी कर्मचारी भी तैनात नहीं थे। बता दें कि बुधवार रात 2.30 बजे से तीन बजे के बीच इस संयंत्र से स्टाइरीन गैस का रिसाव हुआ। इस रिसाव के संपर्क में आने से अब तक 11 लोगों की मौत हो गई है जबकि करीब सैकड़ों लोग इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हैं।

जांच में सामने आया है कि गैस को 20 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर स्टोर किया जाना था लेकिन उसे इस तापमान पर नहीं रखा गया। इसके अलावा संयंत्र में जरूरत के हिसाब से कर्मचारी नहीं थे। संयंत्र को ठंडा रखने के लिए भी पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे और लॉकडाउन के पास का इस्तेमाल नहीं किया गया।

पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रु. का मुआवजा
आंध्र प्रदेश सरकार ने इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने विशाखपत्तनम का दौरा कर पीड़ित परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। ऐसे मरीज जिनका वेंटीलेटर पर इलाज किया जा रहा है उन्हें 10 लाख रुपए और जो वेंटीलेटर पर नहीं हैं उन्हें एक लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा।   

ठीक हुए लोग अस्पताल से डिस्चार्ज
राज्य के पुलिस महानिदेशक दामोदर सवांग ने कहा कि गैस के रिसाव पर नियंत्रण पा लिया गया है। समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीच में सवांग ने कहा, 'गैस से बचाव के लिए लोगों को ज्यादा पानी पीना चाहिए। गैस लीक होने के बाद करीब 800 लोगों को अस्पतालों में लाया गया। इनमें से ज्यादातर लोगों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। संयंत्र से गैस लीक की घटना कैसे हुई इसकी जांच की जाएगी।'

संयंत्र से स्टाइरीन गैस का रिसाव जिस समय हुआ उस वक्त लोग सो रहे थे। संयत्र के आस पास करीब 20 गांव स्थित है। घटना की जानकारी प्रशासन को जब हुई तो वह हरकत में आया। पुलिस एवं राजस्व विभाग के लोग गांवों में पहुंचे और घर-घर जाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों एवं गैस से प्रभावित लोगों को अस्पतालों में पहुंचाना शुरू किया। हवा तीव्र होने की वजह से गैस ने कम समय में ज्यादा दूरी तय की। गैस का रिसाव तीन से चार किलोमीटर तक महसूस किया गया। गैस रिसाव मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। राष्‍ट्रीय मावाधिकार आयोग की ओर से केंद्र और प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया गया है।

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