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7th Pay Commission: बेसिक सैलरी में मिल जाएगा महंगाई भत्ता? क्या है सरकार की तैयारी, जान लीजिए

7th Pay Commission: सरकार का रुख महंगाई भत्ते को मूल वेतन (बेसिक सैलरी) में शामिल नहीं करने का है, भले ही यह 50% के स्तर को पार कर गया हो। हाल ही में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि 5वें वेतन आयोग के दौरान महंगाई भत्ते को मूल वेतन में शामिल कर दिया गया था।

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7वें वेतन आयोग का सैलरी स्लैब

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • डीए पहुंचा 50 फीसदी के पार
  • अगली बार मार्च में बढ़ सकता है डीए
  • पेंशनभोगियों के लिए होता है डीआर में इजाफा

7th Pay Commission: केंद्र सरकार ने हाल ही में जुलाई-दिसंबर 2024 की छमाही के लिए केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (DR) में 3% की बढ़ोतरी की है। डीए/डीआर में इस बढ़ोतरी के साथ, महंगाई भत्ता बेसिक पे लेवल के 53% पर पहुंच गया है, जिससे अटकलें लगाई जा रही हैं कि डीए को बेसिक सैलरी के साथ विलय किया जा सकता है। इस अनुमान का आधार 2004 का एक पुराना उदाहरण है जब डीए के 50% पर पहुंचने के बाद उसे बेसिक सैलरी के साथ मिला दिया गया था।

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सरकार का क्या है रुख

हालांकि सरकार का रुख महंगाई भत्ते को मूल वेतन (बेसिक सैलरी) में शामिल नहीं करने का है, भले ही यह 50% के स्तर को पार कर गया हो। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि 5वें वेतन आयोग के दौरान महंगाई भत्ते को मूल वेतन में शामिल कर दिया गया था। दरअसल तब पिछले वेतन आयोग द्वारा इस्तेमाल किए गए बेस इंडेक्स की तुलना में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में 50% की वृद्धि हुई थी।

क्या कहता है नियम

हालाँकि, बाद में छठे वेतन आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा कि महंगाई भत्ते को मूल वेतन में नहीं जोड़ा जाना चाहिए, भले ही यह मूल वेतन के 50% से अधिक हो। अगली बार डीए में बढ़ोतरी का ऐलान होली से पहले मार्च में किया जा सकता है।

हालांकि यह बढ़ोतरी जनवरी 2024 से प्रभावी होगी। केंद्र सरकार कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए हर साल दो बार मार्च और सितंबर/अक्टूबर में डीए और डीआर में संशोधन करती है। संशोधन जनवरी और जुलाई से प्रभावी होता है और केंद्र सरकार के कर्मचारियों को आमतौर पर दो से तीन महीने के एरियर के साथ अप्रैल और अक्टूबर का वेतन मिलता है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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