आत्मनिर्भरता की ओर कदम: अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने दक्षिण एशिया के सबसे बड़े गोला-बारूद और मिसाइल कॉम्प्लेक्स का किया उद्घाटन
Adani Defence and Aerospace: अडानी ग्रुप ने डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में अपनी उपस्थिति मजबूत करते हुए सोमवार को उत्तर प्रदेश के कानपुर में गोला-बारूद और मिसाइल निर्माण के दो बड़े प्लांट खोलने का ऐलान किया।
कानपुर में बनेगा गोला-बारूद और मिसाइल कॉम्प्लेक्स
सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया उद्घाटन
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इसका उद्घाटन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे, मध्य कमान के GOC-in-C लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, रक्षा मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार के सीनियर गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में मास्टर जनरल ऑफ सस्टेनेंस, लेफ्टिनेंट जनरल अमरदीप सिंह औजला द्वारा किया गया। उन्होंने राज्य और देश को मजबूत करने की दिशा में अलग-अलग क्षमताएं बनाने में अडानी डिफेंस के प्रयासों और योगदान को स्वीकार किया और उसकी सराहना की। इस फैसिलिटी का अनावरण बालाकोट हवाई हमले 'ऑपरेशन बंदर' की पांचवीं वर्षगांठ के साथ हुआ। जो भारतीय वायु सेना का एक ऐतिहासिक ऑपरेशन था जो बाहरी खतरों पर भारत की रणनीतिक दृढ़ता का सबूत था। 500 एकड़ में फैली कानपुर में यह फैसिलिटी सबसे बड़े इंटिग्रेडेट गोला-बारूद मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स में से एक बनने के लिए तैयार है। यह सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों और पुलिस के लिए उच्च गुणवत्ता वाले छोटे, मध्यम और बड़े कैलिबर गोला-बारूद का प्रोडक्शन करेगा। इस फैसिलिटी ने छोटे कैलिबर गोला-बारूद का प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। जिसकी शुरुआत भारत की सालाना जरुरतों का 25% अनुमानित 150 मिलियन राउंड से होती है।
आत्मनिर्भरता की दिशा में साबित होगा मील का पत्थर- सेना प्रमुख
सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने मिसाइलों और गोला-बारूद में आत्मनिर्भरता की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि इतने बड़े निवेश और महत्वपूर्ण टैक्नोलॉजी को स्वदेशी बनाने के लिए अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस की इच्छा ने उपयोगकर्ताओं में रणनीतिक सैन्य आपूर्ति के लिए भारतीय निजी उद्योग पर निर्भर रहने का विश्वास जगाया है। यह परिसर डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
आत्मनिर्भरता लक्ष्य को ध्यान में रखकर डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर का ऐलान
मुख्यमंत्री योगी योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ये क्षण उनके लिए अत्यंत आह्लादित करने वाला है। 2018 में जब हमने अपना पहला इन्वेस्टर्स समिट आयोजित किया था, तब प्रधानमंत्री मोदी ने देश में दो डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर की घोषणा की थी। भारत को डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर की घोषणा की गई थी। प्रधानमंत्री ने यूपी में 6 नोड्स की घोषणा की थी। इसमें अलीगढ़, आगरा, कानपुर, लखनऊ, झांसी और चित्रकूट शामिल हैं, जिसमें कानपुर नोड में अडानी डिफेंस सिस्टम एंड टेक्नोलॉजी लिमिटेड ने अपना काम शुरू किया है।
यूपी में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के लिए 5000 हेक्टेयर के बड़े कॉरिडोर
सीएम योगी ने बताया कि यूपी में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के लिए 5000 हेक्टेयर के बड़े कॉरिडोर को आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया गया है। अब तक 5000 एकड़ लैंड को प्राप्त कर लिया गया है। इसमें लखनऊ में जहां ब्रह्मोस, झांसी में भारत डायनमिक्स लिमिटेड, आर्म व्हीकल निगम लिमिटेड और टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड, ग्लोबल इंजीनियरिंग लिमिटेड और डब्ल्यूवी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड का कार्य प्रारंभ हुआ है, वहीं अलीगढ़ नोड में एंकर रिसर्च लैब एलएलपी और कानपुर में अडानी डिफेंस सिस्टम एंड टेक्नोलॉजी लिमिटेड जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियां काम कर रही हैं।
मील के पत्थर साबित होंगे यूपी के 6 नोड्स
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि यूपी में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के लिए आईआईटी कानपुर और आईआईटी बीएचयू को सेंटर फॉर एक्सीलेंस के तौर पर नामित किया गया है। इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने भी इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए साझेदारी दिखाई है। यूपी के डिफेंस कॉरिडोर में डिफेंस एंड एयरोस्पेस सेक्टर में स्टार्टअप्स के सहयोग के लिए संपूर्ण वातावरण बनाने का कार्य हुआ है। इसके पीछे उद्देश्य है कि भारत डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने के साथ ही दुनिया की जरुरतों की पूर्ति कर सके। इस कार्य में यूपी के 6 नोड्स मील के पत्थर साबित होंगे।
विकास के नित्य नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है यूपी
सीएम ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश, देश के डेवलपमेंट में ब्रेकर नहीं, बल्कि ब्रेक थ्रू का काम कर रहा है। यूपी को 2017 से पहले देश के विकास में सबसे बड़ी बाधा माना जाता था। आज यही प्रदेश विकास के नित्य नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। हाल ही में जीबीसी 4.0 के माध्यम से 10 लाख 24 हजार करोड़ का निवेश धरातल पर उतारा गया है। निवेश वहीं होता है, जहां व्यक्ति के साथ-साथ पूंजी को भी सुरक्षित वातावरण मिले। सीएम योगी ने बताया कि नोएडा की स्थापना के 46 वर्ष बाद प्रदेश सरकार बुंदेलखंड में बीडा के रूप में नया औद्योगिक शहर बसाने जा रही है। यह देश का सबसे बेहतरीन औद्योगिक शहर बनेगा। इस हिसाब से इस पूरे क्षेत्र के युवाओं को सबसे स्किल्ड कार्यबल के रूप में तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अडानी ग्रुप द्वारा यूपी के कानपुर और तेलंगाना के हैदराबाद में एम्यिनेशन मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स के शुभारंभ को लेकर बधाई दी और कहा कि ये प्रयास भारत को डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
4000 लोगों को मिलेगा रोजगार- करण अडानी
इस दौरान अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी करण अडानी ने बताया कि मात्र 15 महीने में 500 एकड़ में बनकर तैयार अडानी ग्रुप का ये प्रोडक्शन कॉम्प्लेक्स दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा एम्युनिशन मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स है। इसकी क्षमता प्रतिवर्ष 150 मिलियन राउंड एम्युनिशन प्रोडक्शन की है। यहां राइफल, लाइट मशीन गन (एलएमजी), एके-47 और कार्बाइन की गोलियां बनेंगी। इसके बाद अगले चरण में आर्टिलरी गन, गोला-बारूद, तोप और हैंड ग्रेनेड समेत सेना के जवानों के लिए अलग-अलग तरह के अस्त्र-शस्त्र और सुविधाओं संबंधित प्रोडक्ट निर्मित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 1500 करोड़ से शुरू हुआ ये प्रोजेक्ट अगले पांच साल में 3000 करोड़ का विस्तार प्राप्त करेगा। इससे 4000 लोगों को जहां सीधे-सीधे रोजगार प्राप्त होगा वहीं इससे पांच गुना ज्यादा अप्रत्यक्ष रोजगार भी ये कॉम्प्लेक्स सृजित करेगा। साथ ही साथ ये कॉम्प्लेक्स अपनी ऊर्जा जरुरतों के लिए सोलर पावर और वेस्ट मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगा। करण अदाणी ने कहा कि यह फैक्ट्री साउथ एशिया का सबसे बड़ा हब है। हम लोग पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार कर रहे हैं। यह सफर बिना यूपी सरकार के पूरा नहीं हो सकता है। यूपी सरकार की गुड गवर्नेंस की नीति और परदर्शिता के कारण सिर्फ 15 माह में यह फैक्ट्री तैयार हो गई है।
3000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश- आशीष राजवंशी
अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के सीईओ आशीष राजवंशी ने कहा कि अस्त्र शस्त्र और मिसाइल परिसरों की स्थापना आत्मनिर्भरता की हमारी खोज को संपूर्ण बनाती है। यह 3,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश है। ऐसे में इसका प्रभाव डिफेंस सेक्टर से कहीं आगे तक फैला हुआ है। इससे 4000 से अधिक रोजगार, जिससे एमएसएमई पर पांच गुना अधिक प्रभाव पड़ेगा। स्थानीय इकोसिस्टम को इससे अप्रत्यक्ष रूप से लाभ होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट के दौरान अडानी ग्रुप द्वारा प्लांट्स की घोषणा के दो वर्षों से भी कम समय में आयुध कॉम्प्लेक्स का संचालन शुरू हो गया है।
अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के बारे में जानिए
अडानी ग्रुप का हिस्सा अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस अत्याधुनिक डिफेंस प्रोडक्ट्स के डिजाइन, विकास और निर्माण में अग्रणी है। इनके प्रोडक्ट्स और सेवाओं पर दुनिया भर में भरोसा किया जाता है। जिनमें छोटे हथियारों और गोला-बारूद से लेकर मानव रहित हवाई जहाज, काउंटर-ड्रोन सिस्टम, मिसाइल और विमान सेवाएं शामिल हैं। यह ग्रुप 'आत्मनिर्भर भारत' पहल का समर्थन करने और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंडे में योगदान देने पर गर्व महसूस करता है। अडानी ग्रुप ने निर्यात-उन्मुख मानसिकता के साथ सर्वोत्तम-श्रेणी प्रक्रियाओं और गुणवत्ता मैनेजमेंट सिस्टम के साथ एक जीवंत डिफेंस इकोसिस्टम विकसित करने में मदद करने के लिए स्टार्ट-अप और एमएसएमई को एक प्लेटफॉर्म प्रदान किया है। ग्रुप का कहना है कि हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिनकी हम सेवा करते हैं वे समय से आगे रहें और किसी भी अप्रिय आकस्मिक स्थिति के लिए तैयार रहें। हम अपने हर काम में उत्कृष्टता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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