अगर बैंक में है FD,तो चेंक करें ये शर्त, नहीं तो हो जाएगा बड़ा नुकसान

Bank FD Rate: अगर आप एफडी निवेश के जरिए ज्यादा इनकम चाहते हैं तो निवेश के परंपरागत तरीके को छोड़ना होगा। मसलन निवेश के पहले कई बैंकों से ब्याज दरों की तुलना करें। केवल एक बैंक की ब्याज दरों पर निर्भर नही रहें।

ऐसे लें FD पर फायदा

Bank FD Rate: आरबीआई द्वारा रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी करने के बाद, अब बैंकों ने भी एफडी पर ब्याज दरें बढ़ाना शुरू कर दिया है। इस कड़ी में SBI, ICICI सहित दूसरे बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर रहे हैं। ऐसे में अगर आपको एफडी में निवेश करना है तो यह बेस्ट समय है। क्योंकि इस समय बैंक 7-7.5 फीसदी औसतन ब्याज दे रहे हैं। लेकिन इस बढ़ोतरी का फायदा नई एफडी कराने पर ही मिलेगा। यानी आपने अगर पहले से एफडी करा रखी है और उसकी मेच्योरिटी अवधि अभी पूरी नहीं हुई है तो आप ज्यादा ब्याज का फायदा नहीं ले पाएंगे। साथ ही अगर आपकी एफडी इस अवधि में मेच्योर हो रही है और वह ऑटो रिन्यूअल शर्त के साथ फिक्स की गई है तो आपको ब्याज दरों का नुकसान उठाना पड़ सकता है।

क्या है ऑटो रिन्यूअल शर्त

असल में जब कोई व्यक्ति बैंक में एफडी में निवेश करता है, तो उसमें बैंक ऑटो रिन्यूअल का ऑप्शन देता है। यानी अगर आप 2 लाख रुपये की बैंक एफडी 3 साल के लिए कराते हैं तो उसकी अवधि पूरी होने पर, तय रकम फिर से एफडी के लिए रिन्यू हो जाती है। ऐसा होने से कई बार नुकसान भी होता है। खास तौर से जब ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो रही है। तो ज्यादा ब्याज पाने का मौका छूट सकता है।

ऐसा इसलिए हैं कि बैंक इस समय न केवल ब्याज दरें बढ़ा रहे हैं बल्कि एक -दो दिन का अंतर पर ज्यादा ब्याज भी दे रहे हैं। ऐसे में आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है। उदारण के तौर पर कई बार बैंक 700 दिन के ब्याज पर ज्यादा ब्याज देते हैं। जबकि दो साल यानी 730 दिन के ब्याज पर कम ब्याज देते हैं। ऐसे में अगर ऑटो रिन्यूअल का विकल्प नहीं है तो एफडी मेच्योर होने पर ज्यादा ब्याज का लाभ ले सकते हैं।

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