US Financial Crisis: जुलाई तक अमेरिका के पास खत्म हो सकता है कैश ! आखिर क्यों आ सकती है ऐसी नौबत, जानिए

US Financial Crisis: अमेरिका में कैश की कमी हो सकती है। दरअसल बिपार्टीशन पॉलिसी सेंटर के एक विश्लेषण के अनुसार, यदि अमेरिकी कांग्रेस देश की डेट लिमिट को बढ़ाने या सस्पेंड करने के लिए कार्रवाई नहीं करती है, तो जुलाई के मध्य तक अमेरिका के पास अपने बिलों का भुगतान जारी रखने के लिए नकदी की कमी हो सकती है।

US Financial Crisis

अमेरिका के सामने वित्तीय संकट

मुख्य बातें
  • अमेरिका के सामने संकट
  • खत्म हो सकता है कैश
  • एक नई रिपोर्ट में लगाया गया अनुमान

US Financial Crisis: अमेरिका में कैश की कमी हो सकती है। दरअसल बिपार्टीशन पॉलिसी सेंटर के एक विश्लेषण के अनुसार, यदि अमेरिकी कांग्रेस देश की डेट लिमिट को बढ़ाने या सस्पेंड करने के लिए कार्रवाई नहीं करती है, तो जुलाई के मध्य तक अमेरिका के पास अपने बिलों का भुगतान जारी रखने के लिए नकदी की कमी हो सकती है। वह डेडलाइन (जिसे "एक्स-डेट" के नाम से भी जाना जाता है) एक मौका हो सकता है जब अमेरिका अपने वित्तीय दायित्वों को पूरा करने में असमर्थ हो जाए और अपने कर्ज को चुकाने में डिफॉल्ट हो जाए, तब ये नकदी की कमी वाली स्थिति बनती है। इस पर वाशिंगटन और वॉल स्ट्रीट में सबसे अधिक नजर रखी जाती है।

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अक्टूबर तक आ सकती है एक्स-डेट

एक्स डेट को लेकर काफी होती है। यह इस अनुमान पर निर्भर करता है कि ट्रेजरी के पास अकाउंटिंग पैंतरेबाजी का उपयोग करने की कितनी गुंजाइश है, जिसे "असाधारण उपाय" के रूप में जाना जाता है। इसके तहत ट्रेजरी पैसे को इधर-उधर करके सरकार के बिलों का भुगतान जारी रखती है। बिपार्टीशन पॉलिसी सेंटर एक थिंक टैंक है। इसके अनुमान के अनुसार एक्स-डेट अक्टूबर की शुरुआत में आ सकती है।

समझ लीजिए डेट लिमिट

डेट लिमिट को संबोधित करने के प्रयास के तहत इस साल के अंत में कांग्रेस और ट्रम्प प्रशासन को शामिल होना पड़ सकता है, क्योंकि रिपब्लिकन कई ट्रिलियन डॉलर के टैक्स कटौती को लागू करने की दौड़ में हैं। डेट लिमिट उस कुल राशि पर एक सीमा है जिसे अमेरिका वहां की सरकार की फंडिंग करने और इसके फाइनेंशियल दायित्वों को पूरा करने के लिए उधार ले सकता है।

किन चीजों में यूज होता है फंड

यूएस फेडरल सरकार बजट घाटे में चलती है, जिसका मतलब है कि वह टैक्सेज और अन्य रेवेन्यू के जरिए जितना कमाती है, उससे अधिक खर्च करती है। इसलिए उसे अपने बिलों का भुगतान करने के लिए भारी मात्रा में धन उधार लेना पड़ता है।

इन दायित्वों में सोशल सेफ्टी नेट प्रोग्राम्स के लिए फंड, सशस्त्र बलों के सदस्यों के लिए वेतन और उन निवेशकों को भुगतान करना शामिल है जिन्होंने ब्याज भुगतान के बदले में अमेरिकी सरकार का डेट खरीदा है।

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काशिद हुसैन author

काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की ब...और देखें

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