Delhi Assembly Election 2025: एक चुनाव ऐसा भी, जब दिल्ली की 6 सीटों पर दो-दो विधायक चुने गए थे

Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: दिल्ली में विधानसभा चुनाव के तहत इन दिनों प्रचार जोरों पर है। हर पार्टी अपनी उपलब्धियों के साथ ही विरोधी पार्टी की खामियों को भी उजागर करने में लगी है। दिल्ली में कुल 70 विधानसभा सीटें हैं, लेकिन एक समय यहां सिर्फ 48 विधानसभा सीटें थीं। रोचक बात ये कि 6 सीटों से 12 विधायक चुनकर आते थे और बाकी से 36 सीटों से 1-1 विधायक। जानते हैं विस्तार से -

Delhi-First Assembly Election.

दिल्ली का पहला विधानसभा चुनाव

Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: दिल्ली में विधानसभा चुनाव 2025 का शंखनाद हो चुका है। दिल्ली की सभी 70 सीटों के लिए एक ही चरण में 5 फरवरी 2025 को मतदान होगा, जबकि 8 फरवरी को मतगणना होगी। चुनाव की घोषणा के साथ ही वादों और दावों का दौर भी चल रहा है। दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी हो या भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस, हर पार्टी अपनी-अपनी तरफ से योजनाओं की गारंटी दे रही हैं। दिल्ली के मतदाताओं को फ्री बिजली-पानी के बाद, महिलाओं को भत्ता, बेरोजगारों को भत्ता और बुजुर्गों को मुफ्त इलाज सहित कई योजनाएं लाने का वादा पार्टियां कर चुकी हैं। दिल्ली चुनाव के अतरंगी रंग इन दिनों राजधानी दिल्ली में देखने को मिल रहे हैं। चलिए पुराने किस्से-कहानियों में दिल्ली के चुनाव के रंग तलाशते हैं -

दिल्ली का पहला विधानसभा चुनाव

दिल्ली का पहला विधानसभा चुनाव 27 मार्च 1952 को हुआ था। उस समय दिल्ली में कुल 48 विधानसभा सीटें थीं, जो आज बढ़कर 70 हो गई हैं। आज हर एक विधानसभा सीट से एक विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचता है। लेकिन दिल्ली के पहले विधानसभा चुनाव में ऐसा नहीं था। बल्कि उस समय कुछ सीटों से दो-दो विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचे थे।

ये भी पढ़ें - इंद्रप्रस्थ से कैसे बनी दिल्ली, इसे किसने और कब बसाया; राजा ढिल्लू की भी कहानी जानें

कांग्रेस के अलावा और कौन

1952 में जब दिल्ली में विधानसभा चुनाव हुए, उस समय देश को आजाद हुए मात्र 5 साल हुए थे। तब देश में हर तरफ कांग्रेस पार्टी का बोलबाला था। आम आदमी पार्टी तो नवंबर 2012 में बनी है, उस समय तो आज 11 वर्षों से केंद्र की सत्ता में बैठी भाजपा का भी जन्म नहीं हुआ था। हालांकि, उस समय अखिल भारतीय जनसंघ था, जो आगे चलकर जनता पार्टी में शामिल हुआ और फिर अपने मौजूदा भारतीय जनता पार्टी के रूप सामने आया।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में सीटों का गणित

जैसा कि हमने ऊपर बताया उस समय दिल्ली में कुल 48 विधानसभा सीटें थीं। जिनमें 6 सीटें ऐसी थीं, जहां से 2-2 विधायक चुनकर आते थे। उस समय दिल्ली रीडिंग रोड, रहगर पुरा देव नगर, सीताराम बाजार तुर्कमान गेट, पहाड़ी धीरज बस्ती जुलाहा, नरेला और मेहरौली विधानसभा सीटों से दो-दो विधायक चुनकर आते थे।

एक ही सीट से जीते दो पार्टियों के उम्मीदवार

मजेदार बात यह है कुल 48 में से 6 सीटों से दो-दो उम्मीदवार चुनाव जीतकर आए थे। इससे भी मजेदार बात ये है कि रीडिंग रोड विधानसभा सीट से जो दो विधायक चुनकर आए वह दो अलग-अलग पार्टियों से ताल्लुख रखते थे। यहां से जनसंघ के अमीन चंद और कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल रंजन चक्रवर्ती ने चुनाव जीता था। 6 सीटों से दो-दो विधायक चुनकर आए, जबकि बाकी 36 सीटों से एक-एक ही विधायक चुने गए।

किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं

दिल्ली के पहले विधानसभा चुनाव में देश की प्रमुख कांग्रेस पार्टी ने कुल 47 सीटों पर चुनाव लड़ा और उसे 39 में जीत मिली। भारतीय जनसंघ ने 31 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे और उसके 5 उम्मीदवार चुनाव जीते। सोशलिस्ट पार्टी ने 6 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और 2 पर जीत दर्ज की। अखिल भारतीय हिंदू महासभा की तरफ से 5 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे और सिर्फ 1 उम्मीदवार को जीत मिली। जबकि कुल 78 निर्दलीयों में से 1 चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचा।

ये भी पढ़ें - दिल्ली के 6 सबसे महंगे बंगले, मालिक का नाम और कीमत भी जान लीजिए

दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री कौन थे

कांग्रेस ने 48 में से 39 सीटों पर जीत दर्ज की और बहुमत हासिल किया। पहले विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की तरफ से चौधरी ब्रह्म प्रकाश ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। चौधरी ब्रह्म प्रकाश दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री रहे।

ये भी पढ़ें - दिल्ली के मुख्यमंत्रियों की लिस्ट, जानें किसने और कब संभाली दिल्ली की कमान

स्टेट रीऑर्गेनाइजेशन एक्ट 1956 के तहत 1 नवंबर 1956 को दिल्ली राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया। इसके साथ ही दिल्ली सीधे राष्ट्रपति शासन के अंतर्गत आ गई और विधानसभा को भंग कर दिया गया। इसके बाद साल 1993 में दिल्ली में दूसरी बार विधानसभा चुनाव हुए। तब केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली को संविधान के 69वें संशोधन के जरिए विधिवत रूप से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (NCT of Delhi) घोषित कर दिया गया था।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। दिल्ली (Cities News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।

Digpal Singh author

खबरों की दुनिया में लगभग 19 साल हो गए। साल 2005-2006 में माखनलाल चतुर्वेदी युनिवर्सिटी से PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। कई अखबार...और देखें

End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

© 2025 Bennett, Coleman & Company Limited