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Gurugram: रिटायर्ड इंस्पेक्टर को बैंक में शिकायत करना पड़ा भारी, खाली हो गया खाता

Gurugram: मानेसर के रहने वाले एक रिटायर्ड पुलिस इंसपेक्‍टर को बैंक में शिकायत करना भारी पड़ गया। इसके बाद समस्‍या के समाधान के नाम पर ठगों ने कस्‍टमर केयर बन पीड़ित को फोन कर अकाउंट से 95 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित का आरोप है कि उसने बैंक में जो शिकायत की थी, उसकी पूरी जानकारी ठगों के पास तक पहुंच गई थी।

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बैंक कस्‍टमर केयर के नाम पर साइबर ठगी

मुख्य बातें
  • अकाउंट से दूसरे के नाम पर बिजली बिल पेमेंट कटने की थी शिकायत
  • बैंक में लिखित शिकायत के कुछ दिनों बाद आया कस्‍टमर केयर से फोन
  • शातिर ठगों ने क्विक सपोर्ट एप डाउनलोड करा खाते से उड़ाये 95 हजार

Gurugram: अगर आप भी बैंक के नाम पर आने वाले फोन पर आंख बंद कर भरोसा करते हैं तो सावधान हो जाएं, कहीं ऐसा न हो कि आपकी बैंक से संबंधित समस्‍या सुलझाने का झांसा देकर शातिर ठग आपका बैंक अकाउंट ही खाली कर दें। ऐसा ही एक बड़ा मामला मानेसर से आया है। यहां के रहने वाले हरियाणा पुलिस से रिटायर्ड इंस्पेक्टर रामफल के खाते से किसी दूसरे व्‍यक्ति के नाम पर बिजली बिल का पेमेंट हो रहा था। रामफल ने इसकी शिकायत बैंक में की। वहां से आश्‍वासन दिया गया कि, आपकी शिकायत को कस्टमर केयर अधिकारी को भेजा जा रहा है। वहां से जल्‍द ही आपसे संपर्क कर आपकी समस्‍या का समाधान कर दिया जाएगा। कुछ दिनों बाद कस्‍टमर केयर का फोन भी आया, लेकिन उसने समस्‍या सुलझाने की जगह रिटायर्ड इंस्‍पेक्‍टर का अकाउंट ही खाली कर दिया।

दरअसल, रामफल की शिकायत बैंक से लीक होकर किसी तरह साइबर ठगों तक पहुंच गई और शातिर ठग बैंक का कस्टमर केयर अधिकारी बन रामफल के अकाउंट से 95 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित इंस्पेक्टर रामफल ने इस संबंध में मानेसर साइबर पुलिस थाने में शिकायत देकर साइबर ठगों के साथ बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्‍होंने बताया कि बैंक में शिकायत करने के कुछ दिनों बाद ही उसके पास कथित बैंक कस्टमर केयर अधिकारी का फोन आया और उसने समस्या का समाधान कराने का झांसा देकर उसके मोबाइल पर एक क्विक सपोर्ट एप डाउनलोड कराकर उसका मोबाइल हैक कर लिया और फिर बैंक खाते में मौजूद पूरे पैसे निकाल लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शातिर ठग के पास थी शिकायत की पूरी जानकारीरामफल ने साइबर पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि, वे पुलिस से रिटायर्ड होने के बाद एक प्राइवेट कंपनी में कार्य कर रहे हैं। उनका एक फ्लैट राजस्‍थान के अलवर में हैं, साथ ही यहां पर एक प्राइवेट बैंक में उनका अकाउंट भी है। रामफल ने बताया कि उनके इस फ्लैट के नाम पर उनके बैंक अकाउंट से किसी अन्य व्यक्ति के फ्लैट का बिजली बिल कट रहा था। इसकी लिखित शिकायत उन्‍होंने अलवर के संबंधति बैंक की शाखा में की। रामफल ने आरोप लगाया कि, उन्‍होंने अपनी शिकायत में जो जानकारी दी थी, वह सभी जानकारी ठगी करने वाले व्‍यक्ति के पास भी मौजूद थी। जिसकी वजह से वो उसकी बातों में आ गए। रामफल ने इस मामले में बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत का आरोप लगाया है।

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