होमलाइव टीवीcitiesशहर फोटोजअगली
खबर

ओडिशा की इस फेमस मिठाई को मिला जीआई टैग, देश-विदेश में भी चटकारे लेकर खाते है लोग

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने ओडिशा की फेमस मिठाई रसबली को जीआई टैग दे दिया है। इस मिठाई को केंद्रपाड़ा रसबली के नाम से भी जाना जाता है। इस मिठाई की शुरुआत श्री बालादेवजी मंदिर से हुई थी।

Kendrapara Rasabali of OdishaKendrapara Rasabali of OdishaKendrapara Rasabali of Odisha

रसबली को मिला जीआई टैग (फोटो साभार- ट्विटर)

मुख्य बातें
  • ओडिशा की मिठाई को मिला जीआई टैग
  • केंद्रपाड़ा रसबली नाम से फेमस
  • बालादेवजी मंदिर का भोग है ये मिठाई

ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले की प्रसिद्ध मिठाई ‘रसबली’ को जीआई (भौगोलिक उपदर्शन) टैग प्राप्त हुआ है, जिससे मिठाई निर्माताओं को बढ़ावा मिलेगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत भौगोलिक उपदर्शन रजिस्ट्री, चेन्नई ने मंगलवार को मिठाई को जीआई टैग प्रदान किया, जिसे लोकप्रिय रूप से ‘केंद्रपाड़ा रसबली’ के नाम से जाना जाता है। केंद्रपाड़ा रसबली मिष्ठान निर्माता संघ और ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास एवं रोजगार विभाग ने रसबली के वास्ते जीआई टैग देने के लिए आवेदन किया था और रजिस्ट्री में आवश्यक दस्तावेज जमा किए थे।

रसबली की उत्पत्ति

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘केंद्रपाड़ा रसबली के लिए जीआई टैग मिलना ओडिशा के लिए गर्व की बात है। रसबली का ओडिशा की खानपान संस्कृति और परंपरा में विशेष महत्व है।’’ केंद्रपाड़ा रसबली की उत्पत्ति यहां के 262 साल पुराने श्री बालादेवजी मंदिर से हुई है। मंदिर के इष्टदेव को रसबली ‘भोग’ के रूप में चढ़ाया जाता है।

जीआई टैग से बढ़ेगी मिठाई की पहचान

केंद्रपाड़ा रसबली निर्माता संघ के अध्यक्ष वैष्णव पांडा ने कहा, ‘‘जीआई टैग मिलना मिठाई निर्माताओं के लिए एक प्रोत्साहन है। यह उत्पाद की विशिष्ट पहचान के लिए काफी अहम है। मिठाई की पहचान बढ़ेगी, यहां रसबली बेचने वालों को मदद मिलेगी।’’ केंद्रपाड़ा रसबली मिष्ठान निर्माता संघ ने मिठाई के लिए जीआई टैग का दावा करने के मद्देनजर 2021 में एक डोजियर तैयार किया था।

End Of Feed