बाढ़ से श्रावस्ती में हाहाकार, गौतम बुद्ध की तपस्थली में कई मंदिर डूबे; बौद्ध भिक्षुओं के फंसे होने की आशंका

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से कई जिले प्रभावित हैं। वहीं श्रावस्ती में बाढ़ के कहर से बुरा हाल है। यहां के करीब आधा दर्जन मंदिर पानी में डूब गए हैं। इन मंदिरों में बौद्ध भिक्षुओं के फंसे होने की आशंका है-

Shravasti

श्रावस्ती में बाढ़ का कहर

मुख्य बातें
  • श्रावस्ती में बाढ़ का कहर
  • बाढ़ में डूबे मंदिर
  • बौद्ध भिक्षुओं के फंसे होने की आशंका

Shravasti: उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से जगह-जगह पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जलभरण क्षेत्रों में भारी बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने से उफनाई नदियों की बाढ़ से प्रदेश के कई जिलों के गांव प्रभावित हुए हैं। यहां भारी बारिश और बाढ़ के कहर से प्रभावित लोगों को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। भगवान बुद्ध की तपस्थली में बाढ़ के पानी से प्रभावित हुई है। श्रावस्ती में बाढ़ के कहर से बुरा हाल है। यहां के करीब आधा दर्जन मंदिर पानी में डूब गए हैं। वहीं प्रशासन लगातार एनडीआरएफ (NDRF) और पीएससी (PSC) के जवानों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है।

कई मंदिर बाढ़ में डूबे

डेन महामनकोल मंदिर चाइना मंदिर सहेट महेट को पानी अपनी आगोश में ले लिया है। मंदिरों में बौद्ध भिक्षुओं के फंसे होने की भी आशंका है। कई सम्पर्क मार्गो पर तेज धारा से बाढ़ का पानी बह रहा है। यूपी के कई जिले बाढ़ की चपेट में आने से प्रभावित हुए हैं। बनबसा बैराज से छोड़े गये पानी से लखीमपुर खीरी में भी बाढ़ का असर दिख रहा है। यहां शारदा नदी खतरे के निशान के करीब आ गई है। नदी की बाढ़ से दो गांवों के पांच हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। यहां भी एनडीआरएफ की टीम तैनात की गयी है।

यूपी के कई इलाकों में बाढ़ का कहर

बलरामपुर और श्रावस्ती में राप्ती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जहां बलरामपुर में बाढ़ से 26 गांव प्रभावित हैं। बचाव कार्य के लिये राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और पीएसी की एक-एक टीम तैनात की गई है। प्रभावित लोगों के लिये 19 शरणालय तैयार किए गए हैं।

श्रावस्ती में उफनाई राप्ती नदी की बाढ़ से तीन तहसीलों के 18 गांवों के लगभग 35 हजार लोग प्रभावित हैं।

एनडीआरएफ की टीम तैनात

बचाव कार्य के लिये एसडीआरएफ और पीएसी की एकएक टीम तैनात की गयी है। प्रभावित लोगों को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से निकालने के लिये छह नौकाओं और नौ मोटरबोट की मदद ली जा रही है। राहत आयुक्त कार्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक, कुशीनगर में गंडक नदी भी उफान पर है और उसका जलस्तर खतरे के निशान के नजदीक पहुंच गया है। जिले में पांच गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। यहां बाढ़ प्रभावित लोगों को शरण देने के लिये 48 शरणालय बनाये गए हैं।

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यूपी में एक हफ्ते से मानसून की सक्रिय

शाहजहांपुर में बाढ़ की स्थिति तो नहीं है लेकिन खैतान नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की वजह से उसके आसपास अस्थायी मकान बनाकर रह रहे आठ परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। गोंडा जिले में तीन गांवों में कई हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। उत्तर प्रदेश में मानसून पिछले करीब एक हफ्ते से एक खासा सक्रिय है और मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान भी राज्य के अनेक हिस्सों में बारिश हुई। अगले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के अनेक स्थानों पर वर्षा होने का अनुमान है।

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Maahi Yashodhar author

माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट क...और देखें

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