कौन है अबू कताल जिसकी पाकिस्तान में हुई हत्या? राजौरी और रियासी आतंकी हमले में था हाथ
लश्कर-ए-तैयबा के इस आतंकवादी और सबसे वांछित आतंकवादियों में से एक अबू कताल को शनिवार रात पाकिस्तान के झेलम सिंध में अज्ञात हमलावरों ने मार गिराया। जानिए कौन था अबू कताल।



अबू कताल ढेर
Who was Abu Qatal? लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख आतंकवादी और इसके सबसे वांटेड आतंकवादियों में से एक फैजल नदीम उर्फ अबू कताल शनिवार रात पाकिस्तान में मारा गया। कताल की भी कुछ अज्ञात हमलावरो ने हत्या की है। पाकिस्तान में कुछ वर्षों में आतंकियों पर अज्ञात हमलावरों का कहर जारी है। अब अबू कताल इन हमलावरों का निशाना बना है। इन्हीं अज्ञात हमलावरों ने अब एक और प्रमुख आतंकी को ढेर करके पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया है।
हाफिज सईद का करीबी सहयोगी था कताल
26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का करीबी सहयोगी कताल और पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के दो अन्य आतंकियों के खिलाफ जनवरी 2023 के राजौरी हमलों के सिलसिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने आरोप-पत्र दाखिल किया था। आरोप-पत्र में नामजद लश्कर-ए-तैयबा के तीन संचालकों की पहचान अबू कताल, सैफुल्लाह उर्फ साजिद जट्ट (जिन्हें अली, हबीबुल्लाह और नौमान सहित कई नामों से भी जाना जाता है) और मोहम्मद कासिम के रूप में की गई थी।
सबसे वांछित आतंकवादियों में से एक था कताल
लश्कर-ए-तैयबा के इस आतंकवादी और सबसे वांछित आतंकवादियों में से एक अबू कताल को शनिवार रात पाकिस्तान के झेलम सिंध में अज्ञात हमलावरों ने मार गिराया। वह 2023 के राजौरी हमले और 2024 के रियासी बस हमले के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर में अन्य घातक हमलों में शामिल था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और भारतीय सेना सहित भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे वांटेड आतंकियों में से एक था।
अबू कताल कौन था?
अबू कताल लश्कर का एक प्रमुख आतंकवादी था, जो जम्मू-कश्मीर में कई हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में शामिल था। उसे फैसल नदीम के नाम से भी जाना जाता था। 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों के पीछे के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के साथ कताल के मजबूत संबंध थे। उसकी आतंकी गतिविधियां 2002-03 से शुरू हुई थीं, जब उसने भारत में घुसपैठ की और पुंछ-राजौरी क्षेत्र में आतंकी वारदातों को अंजाम देने शुरू किया।
कताल ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद की आतंकी गतिविधियों को छिपाने के लिए पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फोर्स (PAFF) और द रेसिस्टेंट फोर्स (TRF) जैसे आतंकी संगठनों को पैदा किया। उसने 9 जून 2024 को रियासी हमले में अहम भूमिका निभाई, जहां आतंकवादियों ने शिव खोरी मंदिर से तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस पर गोलीबारी की, जिसमें नौ लोग मारे गए और 41 घायल हो गए थे। उसके एक प्रॉक्सी समूह पीएएफएफ को 7 जनवरी, 2023 को गृह मंत्रालय द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित किया गया था।
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