Assam Flood Update: असम में बाढ़ की स्थिति में हुआ थोड़ा सुधार, 4 दिन बाद खुले कामाख्या मंदिर के दरवाजे
Assam Flood Update: असम में भीषण बाढ़ से लोगों को राहत मिली है ब्रह्मपुत्र समेत नदियों के जलस्तर में गिरावट आई है। अब प्रभावित लोगों संख्या घटकर 1 लाख 55 हजार हो गई है। स्थिति में सुधार को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए कामाख्या मंदिर के दरवाजे खोल दिए गए।
Assam Flood update: असम में बाढ़ से राहत मिलने के बाद कमख्या मंदिर के दरवाजे खुले (तस्वीर-ट्विटर)
Assam Flood Update: असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है प्रभावित लोगों की संख्या घटकर अब 1.55 लाख हो गई है। दो दिन पहले तक यह संख्या 4,07,700 थी। 15 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए थे। रिपोर्ट के मुताबिक अब 11 जिलों में बाढ़ से कुल 1,55,896 लोग प्रभावित हैं जिनमें 73,915 पुरुष, 70,346 महिलाएं और 11,935 बच्चे प्रभावित हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की रिपोर्ट के मुताबिक बाढ़ से बजाली, बक्सा, बारपेटा, दरांग, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, कामरूप, लखीमपुर, नगांव, नलबाड़ी और तामुलपुर जिले प्रभावित हुए हैं। ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर में कमी आई है और वे कहीं भी खतरे के निशान से ऊपर नहीं बह रही हैं। नदियों के जल स्तर घटने के बाद चार दिन बाद श्रद्धालुओं के लिए कामाख्या मंदिर के दरवाजे खोल दिए गए।
असम में बाढ़ ने मचाई भारी तबाही
भीषण बाढ़ से असम के दरांग जिले में तीन तटबंध टूट गए, जबकि नलबाड़ी में 7 तटबंध प्रभावित हुए। नलबाड़ी और तामुलपुर में घर क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि बारपेटा, बोंगाईगांव, धुबरी, गोलाघाट, करीमगंज और नलबाड़ी में सड़कें और बोंगाईगांव और कोकराझार में पुल भी बाढ़ के पानी से क्षतिग्रस्त हो गए। बिस्वनाथ, चिरांग, धुबरी, डिब्रूगढ़, माजुली, सोनितपुर और तामुलपुर से कटाव की सूचना मिली है। राहत और बचाव अभियान चलाने के लिए एनडीआरएफ की 10 टीम तैनात की गई। भीषण बाढ़ से जूझ रहे असम में 120 से अधिक लोगों की जान बचाई। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। तीन लोगों की जान गई। जान-माल को भारी नुकसान से बचाया गया।
खुले कामाख्या मंदिर के दरवाजे
असम में कामाख्या मंदिर के दरवाजे वार्षिक अंबुबाची मेले के 4 दिनों के बाद सोमवार को फिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। यहां नीलाचल पर्वत स्थित मंदिर के दरवाजे 22-23 जून की मध्यरात्रि से बंद कर दिए गए थे। इस अवधि में देवी कामाख्या के वार्षिक मासिक धर्म का उत्सव मनाया जाता है। मंदिर के एक अधिकारी ने बताया कि मंदिर में पूजा-पाठ प्रवृत्ति के कारण बंद कर दिया गया था और निवृत्ति के बाद आज सुबह भक्तों के लिए दरवाजे फिर खोल दिए गए। इस दौरान मंदिर परिसर में वार्षिक अंबुबाची मेला आयोजित किया जाता है और यह राज्य के प्रमुख पर्यटक कार्यक्रमों में से एक है। इस वर्ष मेला व्यापक सुरक्षा के बीच 22 जून को शुरू हुआ। इस मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए पांडु बंदरगाह, कामाख्या रेलवे स्टेशन और सोनाराम उच्च माध्यमिक विद्यालय मैदान में तीन अस्थायी शिविर स्थापित किए गए। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस कर्मियों के अलावा, स्वयंसेवक, निजी सुरक्षा गार्ड और अन्य लोग यह सुनिश्चित करने में जुटे रहे कि मेला सुचारू रूप से आयोजित हो।
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