Sambhal Mosque case: ASI कराएगा संभल की शाही जामा मस्जिद की रंगाई-पुताई, मुस्लिम पक्ष ने मांगी थी इजाजत

Sambhal Mosque case : संभल मस्जिद की रंगाई-पुताई का काम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) करेगा। हाई कोर्ट ने गुरुवार को इसकी जिम्मेदारी ASI को दे दी। दरअसल, मुस्लिम पक्ष ने रमजान को देखते हुए शाही जामा मस्जिद की रंगाई-पुताई कराने की इजाजती मांगी थी। हिंदू पक्ष ने इस मांग का यह कहते हुए विरोध किया कि रंगाई-पुताई की आड़ में मुस्लिम पक्ष साक्ष्य मिटाने की कोशिश करेगा।

Masjid

ASI कराएगा मस्जिद की रंगाई-पुताई।

Sambhal Mosque case : संभल मस्जिद की रंगाई-पुताई का काम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) करेगा। हाई कोर्ट ने गुरुवार को इसकी जिम्मेदारी ASI को दे दी। दरअसल, मुस्लिम पक्ष ने रमजान को देखते हुए शाही जामा मस्जिद की रंगाई-पुताई कराने की इजाजती मांगी थी। हिंदू पक्ष ने इस मांग का यह कहते हुए विरोध किया कि रंगाई-पुताई की आड़ में मुस्लिम पक्ष साक्ष्य मिटाने की कोशिश करेगा। इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने संभल जामा मस्जिद के बाहर स्थिति कुएं के बारे में सुप्रीम कोर्ट में स्थिति रिपोर्ट दाखिल की है। रिपोर्ट में सरकार ने कहा है कि जिस कुएं के बारे में मस्जिद कमेटी ने अर्जी दाखिल की है वह सार्वजनिक भूमि पर है। उसे स्थानीय स्तर पर धरनी वाराह कूप के रूप में जाना जाता है।

24 नवंबर को सर्वे के दौरान हुई हिंसा

बता दें कि संभल की जामा मस्जिद को लेकर विवाद चल रहा है। हिन्दू पक्ष का दावा है कि संभल की जामा मस्जिद हरिहर मंदिर है जिसको लेकर एक वाद भी कोर्ट में दायर है। कोर्ट के आदेश पर सर्वे भी किया गया था। 24 नवंबर को सर्वे के दौरान हिंसा भी हुई थी जसिमें चार लोगों की मौत हो गई थी जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत को कोई भी नया आदेश देने पर रोक लगा रखी है।

बाबर के समय हुआ इस मस्जिद का निर्माण

संभल की जामा मस्जिद का निर्माण पहले मुगल सम्राट बाबर के शासनकाल के दौरान 1526 और 1530 के बीच किया गया था। यह उसके संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली शासनकाल के दौरान बनाई गईं तीन प्रमुख मस्जिदों में से एक थी। अन्य दो पानीपत और अयोध्या में थीं जिसमें एक अयोध्या वाली मस्जिद अब ध्वस्त हो चुकी है।

एएसआई को अनुमति मांगने का पत्र भेजा गया

हर साल रमजान का महीना शुरू होने से पहले मस्जिद की रंगाई और साज-सजावट का कार्य किया जाता था। लेकिन इसके लिए कभी भी किसी से कोई अनुमति नहीं मांगी गई थी। इस साल भारतीय पुरातत्व विभाग से अनुमति मांगने के पीछे की मुख्य वजह संभल में 24 नवंबर 2024 को हुआ बवाल है। मस्जिद कमेटी का कहना है कि वह अनावश्यक विवाद से बचने के लिए इजाजत मांग रहे हैं। जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट द्वारा एएसआई को अनुमति मांगने का पत्र भेजा गया है।

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आलोक कुमार राव author

करीब 20 सालों से पत्रकारिता के पेशे में काम करते हुए प्रिंट, एजेंसी, टेलीविजन, डिजिटल के अनुभव ने समाचारों की एक अंतर्दृष्टि और समझ विकसित की है। इ...और देखें

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