चीन ने ICBM मिसाइल का परीक्षण कर दुनिया को डराया, अमेरिका के शहरों तक मार का दावा

चीन ने अपनी रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए अमेरिका के लिए चिंता पैदा कर दी है। चीन ने बुधवार को एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया, जो अमेरिकी शहरों तक मार कर सकती है। चीनी रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि प्रक्षेपण ने हथियार प्रदर्शन और सैन्य प्रशिक्षण प्रभावशीलता का परीक्षण किया और जरूरी लक्ष्य हासिल किए। पीएलए रॉकेट फोर्स के अनुसार, चीन ने परीक्षण के बारे में संबंधित देशों को पहले ही सूचित कर दिया था।

पहली बार ICBM परीक्षण सार्वजनिक किया
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पहली बार ICBM परीक्षण सार्वजनिक किया

सरकारी चाइना डेली की रिपोर्ट के अनुसार, दशकों में यह पहली बार है कि चीन ने रणनीतिक प्रतिरोध का स्पष्ट प्रदर्शन करते हुए अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) के अपने उड़ान परीक्षण को सार्वजनिक किया है। हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, नई मिसाइल अमेरिका की मुख्य भूमि तक पहुंच सकती है, हालांकि रक्षा मंत्रालय ने इसकी सीमा निर्दिष्ट नहीं की है।

चीन के पास अब कई मिसाइलें
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चीन के पास अब कई मिसाइलें

चीनी सेना द्वारा पहले प्रकाशित जानकारी के अनुसार, पीएलए रॉकेट फोर्स के पास अब अंतरमहाद्वीपीय रेंज वाली कई प्रकार की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं, जिनमें DF-31AG, DF-5B और DF-41 शामिल हैं।

जेएल-2 पनडुब्बी से हो सकती है लॉन्च
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जेएल-2 पनडुब्बी से हो सकती है लॉन्च

चाइना डेली की रिपोर्ट के अनुसार, इसके अलावा पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) नौसेना के पास जेएल-2 पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल है। रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि मिसाइल, प्रशांत महासागर में लॉन्च की गई और अपेक्षित समुद्री क्षेत्रों में गिरी। बयान में मिसाइल की सीमा बताए बिना कहा गया कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और अभ्यास के अनुरूप है और किसी भी देश या लक्ष्य के खिलाफ निर्देशित नहीं है।

1980 में चीन का पहला ICBM परीक्षण
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1980 में चीन का पहला ICBM परीक्षण

पोस्ट रिपोर्ट के अनुसार, मई 1980 में चीन के पहले ICBM, DF-5 ने 9000 किलोमीटर से अधिक की उड़ान भरी थी। चीन का आईसीबीएम परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब एशिया-प्रशांत क्षेत्र में मिसाइल गतिविधियां बढ़ रही हैं। इस महीने की शुरुआत में उत्तर कोरिया ने जापान सागर या पूर्वी सागर की ओर उड़ान भरने वाली कई छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण किए थे। (फोटो - X/@clashreport)

चीन लगातार बढ़ा रहा जखीरा
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चीन लगातार बढ़ा रहा जखीरा

हालिया रिपोर्टों के अनुसार चीन अपने परमाणु शस्त्रागार में लगातार वृद्धि कर रहा है, अपने परमाणु हथियारों का पहले उपयोग न करने की नीति पर कायम है। चीन का नवीनतम ज्ञात ICBM DF-41 है, जो पहली बार 2017 में सेवा में आया और इसकी मारक सीमा 12,000-15,000 किमी तक है, जो अमेरिकी तक पहुंचने में सक्षम है। ICBM की मारक क्षमता आमतौर पर 5,500 किमी से अधिक होती है और इसे परमाणु हथियार ले जाने के लिए डिजाइन किया जाता है।

350 ICBM निर्माणाधीन
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350 ICBM निर्माणाधीन

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने अधिकांश ICBM यूनिट में लॉन्चरों की संख्या दोगुनी कर दी है और लगातार बढ़ा रही है। इसमें अनुमान लगाया गया कि 2022 में तीन नए ठोस-प्रणोदक साइलो क्षेत्रों के साथ DF-31 और DF-41 सहित लगभग 350 चीनी ICBM निर्माणाधीन थे।

पेंटागन की रिपोर्ट में खुलासे
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पेंटागन की रिपोर्ट में खुलासे

पिछले साल प्रकाशित चीन के सैन्य और सुरक्षा विकास पर पेंटागन की एक रिपोर्ट के अनुसार, पीएलए रॉकेट फोर्स अपनी 'रणनीतिक निवारक' क्षमताओं को बढ़ाने के लिए अपनी दीर्घकालिक आधुनिकीकरण योजनाओं को आगे बढ़ा रही है, जिसमें नए आईसीबीएम का विकास भी शामिल है।

DF-31 या DF-41 मिसाइल
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DF-31 या DF-41 मिसाइल

परीक्षण किया गया ICBM या तो DF-31 या DF-41 हो सकता है। यह क्षमता कुछ देशों को चीन के खिलाफ परमाणु दबाव का प्रयास करने से रोक सकती है।

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