Premanand Ji Maharaj: वृंदावन जा रहे हैं तो इन 3 चीजों को वहां से कभी न लाएं, प्रेमानंद महाराज ने बताई इसकी वजह

वृंदावन हिंदुओं के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। जहां हर समय श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रहती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तीन ऐसी चीजे हैं जिन्हें वृंदावन से बाहर कभी नहीं लेकर जाना चाहिए।

ये चीजें वृंदावन से ले जाना पाप
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ये चीजें वृंदावन से ले जाना पाप

प्रेमानंद महाराज जी अनुसार वृंदावन से इन तीन चीजों को ले जाना बेहद अशुभ माना जाता है। एक तरह से ये अपराध के बराबर है। अगर आप इन चीजों को अपने घर लेकर जाते हैं तो इससे आपको नुकसान झेलना पड़ सकता है। जानिए ये कौन सी चीजें हैं।

गिरिराज जी की मूर्ति
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गिरिराज जी की मूर्ति

प्रेमानंद जी महाराज ने अपने प्रवचनों में बताया कि वृंदावन से गिरिराज जी की मूर्ति को बाहर नहीं ले जाना चाहिए। उनकी मूर्ति को यहां से बाहर ले जाना पाप के रूप में माना जाता है। गिरिराज की मूर्ति को घर ले जाने से श्रद्धालु अपने जीवन में संकट को आमंत्रित कर लेते हैं।

ब्रज की तुलसी
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ब्रज की तुलसी

प्रेमानंद जी महाराज अनुसार वृंदावन से ब्रज की तुलसी को भी घर नहीं ले जाना चाहिए। इसे घर ले जाकर श्रद्धालु अपने भक्ति मार्ग से भटक सकते हैं।

पशु-पक्षी
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पशु-पक्षी

वृंदावन में रहने वाला हर पशु-पक्षी भी भगवान श्री कृष्ण के तप और आशीर्वाद से जुड़ा हुआ है। इसलिए वृंदावन के पशु-पक्षियों को बाहर नहीं ले जाना चाहिए। क्योंकि इनका स्थान बदलना उनके धार्मिक और मानसिक संतुलन को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है।

लेकिन इन चीजों को ले जा सकते हैं बाहर
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लेकिन इन चीजों को ले जा सकते हैं बाहर

प्रेमानंद जी महाराज ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ चीजें श्रद्धालु वृंदावन की निशानी के रूप में अपने घर ले जा सकते हैं। ये चीजें हैं चंदन, रंग, पंचामृत और कान्हा जी के कपड़े।

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