Dhartiputra | Jamiat Ulema-e-Hind (जमीत उलेमा-ए-हिंद) के चीफ Maulana Arshad Madani (मौलाना अरशद मदनी) के एक बयान से बवाल मचा हुआ है। दरअसल मौलाना अरशद मदनी ने कहा था कि बहुसंख्यक समाज के पूर्वज हिंदू नहीं बल्कि मनु थे और ये ऊँ यानी अल्लाह की पूजा करने वाले थे। बता दें कि मदनी ने RSS Chief Mohan Bhagwat के उस बयान पर पलटवार करते हुए कहा जिसमें संघ प्रमुख ने कहा था कि मुसलमान चाहें तो अपने धर्म के साथ रहें या फिर अपने पूर्वजों की तरफ लौट आएं।