Dec 7, 2023
1930 के दशक में रेस टू स्काई बिल्डिंग सबसे ऊंची इमारत थी। इसे आज एम्पॉयर स्टेट कहा जाता है।
Credit: BCCL/PLE/Britanica/AP
एम्पॉयर एस्टेट बिल्डिंग को बनाने में एक साल लग गए। और 1930-31 के दौर में उसे बनाने में करीब 4.1 करोड़ डॉलर का खर्च आया था।
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हालांकि रेस टू स्काई इमारत बनने का समय सही साबित नहीं हुआ और उसी समय दुनिया में आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी मंदी दुनिया में आ गई।
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मलेशिया में बना पेट्रोनॉस टॉवर एशिया की शान है। इसे बनाने में करीब 6 साल लग गए थे।
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पेट्रोनॉस टॉवर 1993-1998 की अवधि में बनाया गया। और इसे बनाने में करीब 1.6 अरब डॉलर का खर्च आया था।
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लेकिन पेट्रोनॉस टॉवर का बनना भी दक्षिण एशियाई देशों के लिए शुभ नहीं रहा है। और 1997 में मलेशिया, इंडोनेशिया, थाइलैंड, फिलीपींस, दक्षिण कोरिया में आर्थिक संकट आ गया।
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2004 में ग्रीस के एथेंस में ओलंपिक का आयोजन हुआ था। उस दौरान आयोजन के लिए हुई तैयारियों आदि पर 3 अरब डॉलर का खर्च हुआ था।
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लेकिन पहले से ही आर्थिक संकट से घिरे ग्रीस के लिए ओलंपिक बाद संकट और गहरा गया । और वहां पर मंदी छा गई।
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