जुदाई पर 10 शेर: रुके रुके से कदम रुक के बार बार चले, करार दे के तिरे दर से बेकरार चले

Feb 18, 2025

जुदाई पर 10 शेर: रुके रुके से कदम रुक के बार बार चले, करार दे के तिरे दर से बेकरार चले

Suneet Singh
अब जुदाई के सफ़र को मिरे आसान करो, तुम मुझे ख़्वाब में आ कर न परेशान करो​

​अब जुदाई के सफ़र को मिरे आसान करो, तुम मुझे ख़्वाब में आ कर न परेशान करो​​



​- मुनव्वर राना


Credit: Pexels

जिस की आंखों में कटी थीं सदियां, उस ने सदियों की जुदाई दी है ​

​जिस की आंखों में कटी थीं सदियां, उस ने सदियों की जुदाई दी है ​​



​- गुलज़ार


Credit: Pexels

कितनी लम्बी ख़ामोशी से गुज़रा हूं, उन से कितना कुछ कहने की कोशिश की ​

​कितनी लम्बी ख़ामोशी से गुज़रा हूं, उन से कितना कुछ कहने की कोशिश की ​​



​- गुलज़ार


Credit: Pexels

​मिलना था इत्तिफ़ाक़ बिछड़ना नसीब था, वो उतनी दूर हो गया जितना क़रीब था ​​



​- अंजुम रहबर


Credit: Pexels

You may also like

भारत में यहां रहते हैं सबसे लंबे लोग, दब...
2 बच्चों की मां का दिखा सिजलिंग अवतार, 2...

​मुझ से बिछड़ के तू भी तो रोएगा उम्र भर, ये सोच ले कि मैं भी तिरी ख़्वाहिशों में हूँ ​​



​- अहमद फ़राज़


Credit: Pexels

​कुछ ख़बर है तुझे ओ चैन से सोने वाले, रात भर कौन तिरी याद में बेदार रहा ​​



​- हिज्र नाज़िम अली ख़ान


Credit: Pexels

​जुदाइयों के ज़ख़्म दर्द-ए-ज़िंदगी ने भर दिए, तुझे भी नींद आ गई मुझे भी सब्र आ गया​​



​- नासिर काज़मी


Credit: Pexels

​महीने वस्ल के घड़ियों की सूरत उड़ते जाते हैं, मगर घड़ियां जुदाई की गुज़रती हैं महीनों में ​​



​- अल्लामा इक़बाल


Credit: Pexels

​वो शख़्स जिस को दिल ओ जां से बढ़ के चाहा था, बिछड़ गया तो ब-ज़ाहिर कोई मलाल नहीं ​​

- बशीर बद्र

Credit: Pexels

इस स्टोरी को देखने के लिए थॅंक्स

Next: भारत में यहां रहते हैं सबसे लंबे लोग, दबाकर खाते हैं मटन मक्खन

ऐसी और स्टोरीज देखें