Medha Chawla
Jan 9, 2025
हिंदू धर्म में भोजन को ईश्वर का रूप माना जाता है। भोजन से शरीर को ऊर्जा और क्षमता मिलती है जिससे मानव शरीर अपने काम करता है।
Credit: canva
भोजन खाने से पहले थाली के चारों ओर पानी गिराने की परंपरा श्रद्धा, स्वच्छता, और सकारात्मक ऊर्जा के साथ-साथ वैज्ञानिक महत्व भी रखती है।
Credit: canva
ये ईश्वर और प्रकृति के प्रति धन्यवाद व्यक्त करने का तरीका होता है, जिन्होंने व्यक्ति को खाने लायक भोजन दिया। इसे भोजन का सम्मान माना जाता है।
Credit: canva
मान्यता है कि पानी गिराने से भोजन शुद्ध और पवित्र हो जाता है। ये धार्मिक दृष्टिकोण से भोजन को खाने के योग्य बनाता है।
Credit: canva
हिंदू धर्म में पानी प्रकृति के पंच तत्त्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) में से एक माना जाता है। ये तत्वों के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का संकेत माना जाता है।
Credit: canva
पानी गिराने से आस पास की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। इससे मानसिक शांति मिलती है।
Credit: canva
पानी गिराने को देवी-देवताओं को भोजन अर्पित करने की प्रक्रिया माना जाता है। इसे ‘नैवेद्य’ का प्रारंभिक चरण माना जाता है।
Credit: canva
भोजन का और जल का थोड़ा सा हिस्सा इस नाते भी थाली से बाहर किया जाता है ताकि छोटे जीव उसे खा सके और उन्हें तृप्ति मिले।
Credit: canva
इस लेख में दी गई जानकारी मान्यताओं पर आधारित है। timesnowhindi.com इसकी सटीकता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं करता है।
Credit: canva
इस स्टोरी को देखने के लिए थॅंक्स