नीतीश कुमार पीएम मैटिरियल पर सुशील कुमार मोदी का जवाब, नो कमेंट

नीतीश कुमार को पीएम मैटिरियल बताए जाने पर बिहार के डिप्टी सीएम रहे सुशील कुमार मोदी बचते नजर आए और जवाब में सिर्फ इतना कहा नो कमेंट।

Bihar politics, JDU, BJP, Nitish Kumar PM material, Upendra Kushwaha, KC Tyagi, Sushil Kumar Modi, Narendra Modi, Tejashwi Yadav
सुशील कुमार मोदी, बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद 
मुख्य बातें
  • नीतीश कुमार पीएम मैटिरियल के सवाल पर सुशील कुमार मोदी बचते नजर आए, बोले- नो कमेंट
  • राजद ने नीतीश कुमार पर कसा तंज, अभी देश में कोई पद खाली नहीं, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति पद के लिए ट्राई करें
  • जेडीयू के उपेंद्र कुशवाहा और के सी त्यागी, नीतीश कुमार को बता चुके हैं पीएम पद के लिए योग्य उम्मीदवार

बिहार में एनडीए की सरकार नीतीश कुमार की अगुवाई में चल रही है। अगर संख्या बल की बात करें तो उनकी पार्टी यानी जेडीयू तीसरे नंबर पर है। इस आंकड़े के बीच कभी बीजेपी तो कभी जेडीयू की तरफ से बयान आते हैं तो कयासों का दौर शुरू हो जाता है कि बीजेपी और जेडीयू में सबकुछ सही नहीं है। इन सबके बीच जेडीयू के दो कद्दावर नेताओं उपेंद्र कुशवाहा औक के सी त्यागी ने नीतीश कुमार को पीएम मैटिरियल बताया तो चर्चा फिर खास हो गई। इस विषय पर बिहार के डिप्टी सीएम रहे सुशील कुमार मोदी से पत्रकारों ने पूछा कि वो क्या कहेंगे तो जवाब था नो कमेंट।

'नीतीश कुमार, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति पद के लिए ट्राई करें'
अब नीतीश कुमार में जेडीयू नेताओं को पीएम पद की योग्यता नजर आ रही हो आरजेडी को ऐसा नहीं लगता है। आरजेडी प्रवक्ता और एमएलए भाई वीरेंद्र ने तंज कसते हुए कहा कि फिलहाल तो देश में किसी पद की वैकेंसी नहीं है, हाल ही में अफगानिस्तान में राष्ट्रपति पद की जगह खाली हुई है उनको वहां ट्राइ करना चाहिए।

जनता के लिए  पार्टियां बदल लेती हैं परिभाषा
लेकिन बात क्या इतनी सीधी है इसके बारे में जानकार कहते हैं कि नीतीश कुमार सियासत के मंझे खिलाड़ी हैं, वो कोई भी बात नापतौल के ही कहते हैं। अगर उनकी पार्टी के दो बड़े कद्दावर नेताओं की तरफ से बयान आया कि उनमें पीएम पद की योग्यता है तो उसके पीछे आसान व्याख्या नहीं हो सकती है। यह तो जगजाहिर है कि जेडीयू तीसरे नंबर की पार्टी है।

नीतीश कुमार भले ही राज्य के मुखिया हों लेकिन नैतिक तौर पर उनके लिए फैसले लेना इतना आसान नहीं होता होगा। राजनीति में कोई भी दल किसी के लिए ना तो सगा और ना पराया है। मौके के हिसाब से जनता की सेवा के नाम पर गठबंधन बदल दिए जाते हैं और जनता के आगे पार्टियों की विचारधारा गौड़ हो जाती है। 

अब सवाल यह है कि बीजेपी के दूसरे नेताओं की तरह सुशील कुमार मोदी खुल कर क्यों नहीं बोलते। दरअसल बिहार की राजनीति में इस बात की चर्चा रही है कि वो बीजेपी के अन्य नेताओं की तुलना में नीतीश कुमार के लिए सॉप्ट रहे हैं। यहां तक कि जब नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद यादव के साथ जाने का फैसला किया था तो उस वक्त भी सधी टिप्पणी ही किया करते थे और उनका इस तरह का व्यवहार बाकी नेताओं को असहज कर देता था। 

पढ़िए Patna के सभी अपडेट Times Now के हिंदी न्यूज़ वेबसाइट -Times Now Navbharat पर। साथ ही और भी Hindi News के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें।

अगली खबर