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Diet Tips: सेहत के लिए अच्छा माना जाता है स्पाइसी फूड, इन बीमारियों में रहता है फायदेमंद

Updated Aug 28, 2022 | 22:31 IST

Diet Tips in Hindi: मसालेदार खाना एक हद तक फायदेमंद भी हो सकता है। अगर आप खाने में मसाले एक दम नहीं लेते हैं तो यहां जानें क्यों इनका सेवन आपके लिए जरूरी है। हालांकि मसालों को सीमित मात्रा में लें और अगर किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहे हैं तो डॉक्टर से इसके लिए परामर्श जरूर करें।

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खाने में मसाले क्यों करें शामिल

Diet Tips in Hindi: मीठा, कड़वा, खट्टा या नमकीन के अलावा तीखापन भी एक स्वाद है। हालांकि, यह स्वाद की बजाय जीभ के दर्द रिसेप्टर्स पर जलन भी पैदा करता है। वैसे तो अक्सर डाइटिंग करने वाले लोग स्पाइसी खाने को अवॉइड करते हैं। लेकिन जरूरी नहीं कि हर बार स्पाइसी फूड नुकसानदेह ही साबित हो। दरअसल, स्पाइसी खाने में मिर्ची के खूब सेवन से भी कई फायदे होते हैं। पर्ड्यू विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में कैप्सैसिनोइड्स नाम के एक मिर्च के बारे में बताया गया है। ये केमिकल कंपाउंड मीठे, नमकीन और वसायुक्त खाद्य पदार्थों के प्रति क्रेविंग को कम करने में मदद करते हैं। तो आइए स्पाइसी फूड के सेवन से होने वाले फायदे को जान लेते हैं।

1. मोटापे को रोकने में मदद

कैप्साइसिन युक्त भोजन के सेवन से संतुष्टि के साथ बॉडी में कैलोरी और वसा भी कम होती है। अध्ययन में यह भी बताया गया है कि कैप्साइसिन युक्त भोजन से एनर्जी की खपत और फैट्स  ऊतक ऑक्सीकरण में बढ़ोतरी होती है। यह वजन को बढ़ने नहीं देता है। कई अध्ययनों से पता चलता है कि जीरा, दालचीनी, हल्दी, मिर्च और मिर्च जैसे मसाले आपकी चयापचय दर को बढ़ा सकते हैं। साथ ही यह भूख को कम भी कर सकते हैं।

2. कैंसर के विकास को रोकने में मदद

प्री-क्लिनिकल शोध के अनुसार, कैप्साइसिन कैंसर कोशिकाओं को मारता है। साथ ही उनके विकास को रोकता है। हालांकि इस विषय पर शोध न्यूनतम है, और इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं है कि मसालेदार मिर्च खाने से कैंसर से बचाव होगा।शोधकर्ता द्वारा कैप्साइसिन युक्त दवाओं की क्षमता पर चर्चा अभी जारी है।

3. जुकाम में देता है राहत

यह जुकाम में रिलीफ देता है। क्योंकि ओरल कैविटी और गले के साथ श्वास नली में कैप्साइसिन लिक्विड का प्रवाह करता है। ऐसे भोजन खाने से सर्दी, श्वास नली के इन्फेक्शन, साइनसाइटिस और अस्थमा के दौरान सांस लेने में मदद मिल सकती है।इसके अलावा, इसके सेवन से कफ ढीला और नरम हो जाता है। ऐसे में इसे बाहर निकालना आसान हो जाता है। 

4. पेट में दर्द में देता है आराम

जब आपके पेट में दर्द हो तो मसालेदार भोजन इस दर्द को भी कंट्रोल करने का क्षमता रखता है।  शोधकर्ताओं का कहना है कि मिर्च, काली मिर्च और मारिजुआना पेट में एक ही रिसेप्टर्स के साथ मिलकर एक चिड़चिड़ा आंत को शांत करते हैं। आनंदमाइड के इम्यून सिस्टम को बूस्ट करता है, जो अग्न्याशय सहित आंतों को शांत करने में मादा करता है। ये सूजन को रोकने में भी कारगर होता है।

5. बनाता है दीर्घायु 

 हार्वर्ड और चाइना नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन द्वारा किए गए एक बड़े अध्ययन के अनुसार, सप्ताह में छह या सात दिन मसालेदार भोजन खाने से मृत्यु दर में 14 प्रतिशत की कमी सामने आई है।

6. जमाव पर कंट्रोल

मसालेदार भोजन के सबसे आम लाभों में से एक यह है कि ये आपके साइनस में जमाव को कम करने में मदद करते हैं। बंद नाक मार्ग से राहत देते हैं। मिर्च जैसे मसालेदार भोजन शरीर के तापमान को बढ़ाते हैं। जो प्रभावी रूप से बुखार से लड़ सकते हैं।साथ ही फ्लू के लक्षणों को भी दूर कर सकते हैं।

मसालेदार भोजन को नियंत्रित तरीके से खाने से बहुत सारे लाभ हो सकते हैं। हालांकि, जब बड़ी मात्रा में सेवन किया जाता है, तो मिर्च में पाए जाने वाले उग्र यौगिक, उल्टी और दस्त जैसे शॉर्ट टर्म लक्षण पैदा कर सकते हैं। गौरतलब है कि तंत्रिका तंत्र के अत्यधिक उत्तेजना के कारण आंतों की परत को कोई स्थायी नुकसान नहीं होता है।